महासमुंद : सरकारी कार्यालयों में प्रधानमंत्री के निर्देशों का पालन क्यों नहीं?
फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर
Mon, Mar 9, 2026
डिजिटल इंडिया और पेपर लेस वर्क को पूर्णतया लागू करे सरकार -
नेम-फेम के लिए प्रमाण पत्र के नाम से कागज बर्बाद न करें
हजारों कागज के टुकड़ों को बर्बाद होने से बचा लें -कोकडी सरकारी स्कूल
सरकारी कार्यालयों में प्रधानमंत्री के निर्देशों का पालन क्यों नहीं?
सरकारी विभागों को कागज के सदुपयोग का प्रमाण प्रस्तुत करना चाहिए
महासमुंद: शिक्षा का पहला उद्देश्य हर वस्तु का सदुपयोग करना सीखाना है, विशेष कर हमारे प्राकृतिक संसाधनों का, जिसका लगातार दोहन हो रहा है, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी वो सुरक्षित बचें,उनका संरक्षण संवर्धन हो, इसीलिए शिक्षा दी जाती है-शिक्षा के मानवीय करण और मानवीय मूल्यों की शिक्षा के लिए तन-मन-धन से समर्पित अभिभावक विद्यालय कोकड़ी सरकारी स्कूल ने कलेक्टर महासमुन्द समेत स्कूल शिक्षा मंत्री, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर व डीपीआई व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को पत्र लिखकर विनम्रता पूर्वक निवेदन किया है कि सेव कागज,पेपर लेस वर्क ,ई फार्म, डिजिटल इंडिया, पेपरलेस वर्क, आनलाइन आवेदन, दस्तावेजों का दुबारा उपयोग आदि अनेक पर्यावरण संरक्षण व कागज बचाओ के तहत कार्य प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किया जा रहा है,जो कि विकसित भारत -विकसित संसार के लिए अनिवार्य कदम हैं, इससे गंभीरता से पालन करने सभी विभागों को निर्देशित करें, कागज के दोनों तरफ सरकारी विभागों में आवेदन व सूचना प्रसारित करने कहें, इंस्टाग्राम व व्हाट्सएप चैनल से आनलाइन सरकारी काम करने प्रेरित करें,आफ लाईन कागज की बर्बादी न हो, क्योंकि एक टुकड़ा कागज के लिए कितने पेड़ काटने पड़ते हैं, सबको पता है,अनेक बार सरकारी विभागों व टीवी व समाचार पत्रों में विज्ञापनों के माध्यम से सरकार इस ओर भारत सरकार ध्यानाकर्षण कराते रहती है, लेकिन फिर भी विशेष कर शिक्षा विभाग में इसे और गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है , अभी वर्तमान में डाइट महासमुन्द में बालवाड़ी प्रशिक्षण चल रहा है, यहां पर हरेक शिक्षकों को २-२प्रमाण पत्र दिया गया है,जो पेपर का बर्बादी का अनावश्यक बर्बादी है,और ये प्रमाण पत्र की भी जरूरत नहीं थी, क्योंकि डाईट के आदेश पर ही शिक्षक प्रशिक्षण में आये हैं, हजारों कागज के पन्ने डाइट महासमुन्द ने प्रमाण पत्र के नाम पर बर्बाद कर दिया गया है,अभी बालवाड़ी प्रशिक्षण के२और चरण शेष हैं , जिसमें फिर से हजारों कागज बर्बाद हो जायेंगे, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान महासमुंद व बालवाड़ी प्रभारी श्री राजेश चंद्राकर समेत सभी मास्टर ट्रेनर बी आर जी व डी आर जी को भी उन्होंने अनुरोध किया है, कि प्रमाण पत्र के नाम पर कागज बर्बाद न करें, क्योंकि उनके ही आदेश पर शिक्षक प्रशिक्षण में आये हैं, डिजिटल इंडिया के तहत ये प्रमाण पत्र सीधे वाट्स अप या टेलीग्राम भी कर सकते हैं,हर विद्यालय इससे जुडा ही हुआ है,जब तक कोई अति आवश्यक व अनिवार्य न हो,तब तक डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का सम्मान किया जाये, वाट्स एप और टेलीग्राम चैनल से सूचना का आदान-प्रदान किया जाये,एक तरफ जहां शिक्षकों को आन लाइन अटेंडेंस के लिए प्रेरित किया जाता है,हर काम आनलाइन हो रहा है, वैसे में हम प्रमाण पत्र के नाम पर कागज क्यों बर्बाद कर रहे हैं, कलेक्टर महासमुन्द से डिजिटल इंडिया को पूर्णतया सरकारी कार्यालयों में पेपर लेस वर्क के माध्यम से लागू करने का मांग श्री कोकडिया ने किया है, जिससे हजारों कागजों के माध्यम से, हजारों पेड़ों को बचा सकें, फोटो बाजी, नाम कमाने, छपाने के लिए अनावश्यक प्रमाण पत्र के लिए कागज बर्बाद न करें,
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