Sat 30 May 2026

ब्रेकिंग

कटनी। यूनिटी जंक्शन बनी त्रिकोणीय क्रिकेट श्रृंखला की चैंपियन, वीरेंद्र तिवारी रहे चमकदार सितारे

विजयराघवगढ़ 40 डिग्री की तपती धूप भी नहीं डिगा पा रही संकल्प, कलहरा में भक्ति, तपस्या और श्रद्धा का अद्भुत संगम

कटनी में बिजली व्यवस्था चरमराई, रातभर परेशान होते रहे नागरिक

कटनी- सरकारी फाइलों में 'सफेद', बाजार में 'ब्लैक': टैक्स विभाग को धुआं उड़ाकर 'कैश' बटोर रहे पटेल साहब

अमित शाह के बयान के विरोध में कांग्रेस ने फूंका पुतला, फायर ब्रिगेड की बौछारों के बीच प्रदर्शन, आदिवासी सम्मान की रक्षा

सुचना

एमपी न्यूज लाइव मीडिया ग्रुप आपका हार्दिक स्वागत करता

MP न्यूज लाइव, सेटेलाइट हिंदी न्यूज चैनल सेटेलाइट एवं ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध :- Play on tv , DTH Live, Ebaba, CNN, PLAYON, AMAZON FIRE STICK, JIO AIR FIBRE

महासमुंद : *बसना मंडी में पसरा सन्नाटा, राइस मिलों के गेट पर ट्रैक्टरों की कतार महेन्द साव ?*

फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर

Tue, May 26, 2026

बसना कृषि उपज मंडी में धान खरीदी का सीजन शुरू होते ही सन्नाटा छा गया है। अन्नदाता अपनी फसल लेकर मंडी से मुंह मोड़ रहा है। वजह है मंडी में मिल रहा बेहद कम दाम।

मंडी में घाटा, मिलों में भीड़

मंडी में धान की बोली मात्र 1400 से 1652 रुपये प्रति क्विंटल लग रही है। इसी का फायदा उठाकर राइस मिलें 1600 से 1800 रुपये का रेट देकर किसानों से सीधी खरीदी कर रही हैं। नतीजा यह है कि शिव शक्ति राइस मिल, तारा प्रेम, साम्राट राइस मिल के बाहर ट्रैक्टरों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं।

नमी के नाम पर खुली लूट

मिलों में ज्यादा रेट का झांसा देकर किसानों को बुलाया जा रहा है, लेकिन भुगतान के समय नमी के नाम पर प्रति बोरी 3 से 4 किलो वजन काट लिया जा रहा है। किसान न मंडी में ठीक दाम पा रहा है, न मिल में पूरा वजन।

दोहरा नुकसान

1. किसान ठगा जा रहा: सिंडिकेट बनाकर कुछ व्यापारी नमी का बहाना बनाकर किसानों की जेब काट रहे हैं।

2. मंडी को राजस्व का घाटा: सीधी खरीदी के कारण कृषि उपज मंडी के मंडी शुल्क में भारी नुकसान हो रहा है।

जांच की मांग उठी

इस पूरे खेल पर रोक लगाने के लिए मंडी सचिव से लिखित शिकायत की गई है। शिकायत में उक्त राइस मिलों के भुगतान पत्रक, सौदा पत्रक की जांच और मौके पर भौतिक सत्यापन की मांग की गई है।

समर्थन मूल्य से कम बोली और मिलों की मनमानी के बीच किसान की हालत दयनीय होती जा रही है। अब देखना है प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन