: जापान में अब हफ्ते में सिर्फ चार दिन काम,तीन दिन का होगा वीकेंड
Tue, Jun 29, 2021
दुनिया के सबसे विकशित देशों में शुमार जापान अब अपने नागरिकों को एक बड़ी राहत देने वाला है।जापान जल्द ही 4 डे वीक(
4 day week
) का ऐलान कर सकता है ।दरअसल जापान ऐसे ही नही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यस्था है,जापान अपने नागरिकों की जीवन शैली यानी स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग(standard of living) को और बेहतर बनाने के लिए नए नए ऐलान व नई से नई तकनीक का का उपयोग करता रहता।यही कारण है की तकनीक के मामले में जापान का कोई मुकाबला नहीं।
दरअसल जापान बहुत छोटी आबादी वाला देश है लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे अमीर,विकशित और खुशाल देशों में गिना जाता है।इसका कारण है वहाँ के नागरिकों का स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग।स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग के मामले में जापान कई देशों से आगे है और यहाँ के नागरिक ज्यादा खुश रहते हैं व एक बेहतर जीवन शैली में रहते हैं।जापान की सरकार अपने नागरिकों को ज्यादा आराम देने के लिए आधुनिक व उन्नत तकनीक(advance technology) का उपयोग करती है जिससे कि मनुष्य और कम से कम बोझ हो और आने नागरिकों को छुट्टी के लिए भरपूर समय देती है।
क्या है 4 डे वीक प्लान?
4 डे वीक यानी हफ्ते में सिर्फ चार दिन काम।जी हाँ अभी तक ज्यादातर देशों में यहां तक कि भारत मे भी 5 डे वीक कार्यशैली चल रही है यानी हफ्ते में 5 दिन काम व दो दिन की छुट्टी यानी वीकेंड।लेकिन अब जापान अपने देश मे 5 डे वीक की बजाय 4 डे वीक की कार्यशैली को लाने वाला है यानि अब वीकेंड(weekend) तीन दिन का होगा।वहाँ की सरकार इसको लेके जल्द ही ऐलान कर सकती है।
अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा अच्छा प्रभाव
जापान सरकार का मानना है कि इससे अर्थव्यवस्था पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।लोगों को ज्यादा छुट्टी मिलेगी तो लोग अपने परिवार के संग ज्यादा समय बिता पाएंगे व घूमने जाएंगे जिससे वे ज्यादा खुलकर खर्च करेंगे।इससे अर्थव्यवस्था पर अच्छा असर पड़ेगा।
एक्स्पर्त्स का ऐसा भी मानना है कि ज्यादा छुट्टी मिलने से लोग नई स्किल्स सीख पाएंगे जिससे वे ज्यादा बेहतर और प्रोफेशनल बन पाएंगे।इससे उनकी कुशलता बढ़ेगी व रचनात्मकता भी बढ़ेगी।
जापान की जनसंख्या पर भी पड़ेगा अच्छा प्रभाव
जापान में जन्मदर घटती जा रही है और बुजुर्ग लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है,ऐसे में भविष्य में कामगारों की भारी कमी होगी।जब ज्यादा छुट्टी होगी तो लोग अपनों का साथ ज्यादा समय बिता पाएंगे।युवा कपल घूमने जाएंगे व शादी करके बच्चे पैदा करेंगे।
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: 18+ की सम्पूर्ण आबादी को कोरोना वैक्सीन लगाने वाला देश का पहला गाँव बना वेयान
Sat, Jun 12, 2021
कोरोना को यदि हराना है तो इसका एक मात्र उपाय वैक्सीनेशन है।कोरोना वैक्सीन लगवाना कोई बड़ी समस्या नही है लेकिन जब भारत जैसे देश की बात हो जहां इतनी बड़ी आबादी रहती है तब वैक्सीनेशन बहुत कठिन हो जाता है।दूसरा दिक्कत है भारत की आबादी में विविधता जिसके कारण वैक्सीन को लेके अलग अलग लोगों के मन मे अलग अलग दृष्टिकोण है और ऐसे में पूरी आबादी को वैक्सीनेट करना थोड़ा मुश्किल कार्य है।
लेकिन भारत के जम्मू कश्मीर से राहत देने वाली खबर सामने आयी है जहां वेयान भारत का पहला ऐसा गाँव बन गया किसने 18+ की सम्पूर्ण आबादी को कोरोना का टीका लगा दिया।जहां अधिकतम राज्यों या गांव में टीकाकरण 20 से 30 फीसदी भी नही हुआ है ऐसे में इस गाँव का इस उपलब्धि को हासिल करने एक बड़ी कामयाबी है तथा इसकी जोर शोर से सराहना भी होनी चाहिए।
कैसे हासिल की वेयान गाँव ने ये कामयाबी?
इस कामयाबी का पूरा श्रेय वेयान गाँव के स्वास्थ्यकर्मियों को जाता है और उन्ही की मेहनत का नतीजा है इस चीते से गाँव की तारीफ व चर्चा पूरे देश मे हो रही है।आपको बता दें की इस गाँव मे इंटरनेट की कोई सुविधा नही है इसलिए बाकी जिलों व शहरों की तरह आम लोग ऑनलाइन पंजीकरण नही कर सकते ऐसे में हर एक व्यक्ति को टीका लगाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य रहा होगा।
इसके साथ ही आपको बता दें कि स्वास्थ्यकर्मियों को इस गाँव मे टीका लगाने जाने के लिए करीब 18 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था।ऐसे इसलिए क्योंकि बेहद ऊंचे पहाड़ियों व दुर्गम रास्तों की वजह से वहाँ यातायात के साधन ना के बराबर थे।
जाने वेयान गाँव के बारे में
वेयान गाँव जम्मू-कश्मीर के
बांदीपोरा
जिले में स्तिथ है।वेयान गाँव मे कुल 326 वयस्क रहते हैं तथा वहाँ ज्यादातर परिवार खानाबदोश जीवन बिताते हैं व अपने पशुओं को चराने के लिए बेहद ऊंचे स्थानों ओर जाते हैं।
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: MPBOARD:-10 वी की परीक्षा को लेकर बड़ी खबर
Mon, May 10, 2021
भोपाल :- मध्य प्रदेश बोर्ड की तरफ से 10वीं की परीक्षाएं 30 अप्रैल से आयोजित की जानी थीं लेकिन बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से इन परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है |
अब बोर्ड की तरफ से 10वीं के छात्रों की परीक्षाएं नहीं आयोजित की जाएंगी. इन छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पास किया जाएगा. वहीं, बोर्ड की तरफ से अभी 12वीं की परीक्षा को लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है|
10वीं बोर्ड के छात्रों का मूल्यांकन किस तरह से किया जाए. इसको लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है. इसी के देखते हुए मंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दसवीं परीक्षा के मूल्यांकन के लिए विकल्प तय करने की जिम्मेदारी दी है. वहीं, अधिकारियों का मानना है कि नियमित छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर नंबर दे दिए जाएंगे, जबकि निजी छात्रों की परीक्षा करा ली जाए. इस पर हल नहीं निकलने पर सभी छात्रों को जनरल प्रमोशन देने का विकल्प भी खुला हुआ है.
वहीं, बोर्ड की तरफ से 10वीं और 12वीं के छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गईं हैं.
नई तारीखों का ऐलान बोर्ड द्वारा जल्द किया जाएगा. इस संबंध में छात्रों को जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर दी जाएगी.
इधर, बोर्ड अभी 12वीं की परीक्षा ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन मोड में आयोजित कराने को लेकर असमंजस में है. यही कारण है कि बोर्ड द्वारा अभी तक परीक्षा का नया शेड्यूल नहीं जारी किया गया है. ये परीक्षाएं जून के पहले सप्ताह में आयोजित की जाएंगी.