: Madhepura Lok Sabha Seat: लालू-शरद और पप्पू यादव बने यहां से सांसद, जानें मधेपुरा सीट का सियासी समीकरण
मधेपुरा में राजद की लालटेन कौन जलाएगा?:प्रत्याशी खोजने में छूट रहा पसीना; कभी लालू-शरद का गढ़ रहे मधेपुरा में राजद के लिए प्रत्याशी चयन ही सबसे बड़ी चुनौती
मधेपुरा लोकसभा सीट से लालू प्रसाद यादव, दिवंगत नेता शरद यादव और पप्पू यादव चुनाव लड़ कर संसद पहुंचे हैं. इस सीट पर यादव वोटर की संख्या ज्यादा है. इसलिए यहां से यादव उम्मीदवार ही चुनाव जीतकर दिल्ली के संसद में पहुंचता है.
रोम पोप का मधेपुरा गोप का’ बिहार के लोकसभा चुनाव में ये नारा खूब गूंजता है. ये खास नारा मधेपुरा लोकसभा सीट को लेकर है. जहां गोप यानी यादव मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. इसलिए कहा जाता है कि गोप यानी यादव वोटर ही यहां किसी भी दल के प्रत्याशी की किस्मत तय करते हैं. इस सीट से ज्यादा उम्मीदवार भी यादव बिरादरी से आने वाले लड़ते हैं. यहां अभी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दिनेश चंद्र यादव सांसद है. इस सीट से दिवंगत नेता शरद यादव और राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी चुनाव लड़ चुके हैं. तीनों यादव के बीच 2019 के लोकसभा चुनाव में लड़ाई काफी दिलचस्प रही थी.
इस सीट के सियासी समीकरण की बात करें तो यहां सिर्फ बीपी मंडल के अलावा जितने भी सांसद रहे हैं. वह सब यादव ही रहे हैं. पहली बार इस सीट में 1967 में लोकसभा का चुनाव हुआ था. तब इस सीट से बीपी मंडल ने जीत दर्ज की थी. 1968 के उपचुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी. 1977 में बीपी मंडल ने जनता पार्टी से चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी. तब से लेकर अब तक इस सीट से यादव उम्मीदवार ही चुनाव जीतते आ रहे हैं.
Madhepura Lok Sabha seat is RJD's stronghold.
मधेपुरा लोकसभा सीट राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का गढ़ कही जाती है. 1998 और 2004 में लालू प्रसाद यादव मधेपुरा लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. इस सीट से पप्पू यादव भी दो बार चुनाव जीत चुके हैं. इसके साथ ही इस सीट से 4 बार शरद यादव चुनाव जीते हैं. इस बार पप्पू यादव ने अपनी जन अधिकार पार्टी (JAP) का विलय कांग्रेस के साथ कर लिया है. 2024 के लोकसभा चुनाव में पप्पू यादव कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे. हालांकि, अभी वह किस सीट से चुनाव लड़ेंगे. इसका ऐलान नहीं किया हैJDU defeated late leader Sharad Yadav
2019 के लोकसभा चुनाव के परिणाम की बात करे तो यहां से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दिनेश चंद्र यादव ने जीत दर्ज की थी. दिनेश चंद्र यादव को 6,24,334 वोट मिले थे. आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़े दिवंगत नेता शरद यादव को इस सीट पर 3,22,807 वोट मिले थे. आरजेडी से अलग होकर अपनी अलग पार्टी बनाने वाले राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को इस सीट पर 97,631 वोट मिले थे. 38,450 लोगों ने NOTA का बटन दबाया था. 2019 में इस सीट पर 60.89 प्रतिशत मतदान हुआ था. कुल 11,47,652 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.Pappu Yadav won from RJD in 2014.
2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से आरजेडी के टिकट पर पप्पू यादव ने जीत दर्ज की थी. आरजेडी के नेता पप्पू यादव को इस सीट पर 3,68,937 वोट मिले हुए थे. जेडीयू के उम्मीदवार दिवंगत नेता शरद यादव को 3,12,728 वोट मिले हुए थे. बीजेपी से विजय कुमार सिंह को 2,52,534 वोट मिले हुए थे. 20 हजार से ज्यादा लोगों ने NOTA का बटन दबाया था. इस सीट पर 59.96 प्रतिशत मतदान हुआ था. कुल 10,34,799 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.Sharad Yadav Reached Parliament From JDU in 2009
2009 लोकसभा चुनाव में इस सीट से दिवंगत नेता शरद यादव जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़े थे. शरद यादव को 3,70,585 वोट मिले हुए थे. आरजेडी ने प्रोफेसर रवींद्र चरण यादव को चुनावी मैदान में उतारा था. उन्हें सिर्फ 1,92,964 वोट मिले हुए थे. कांग्रेस से डॉक्टर तारा नंद सदा लोकसभा के उम्मीदवा थे. उन्हें इस सीट पर मात्र 67,803 वोट मिले हुए थे. 2009 में इस सीट पर 50.17 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. कुल 7,56,450 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.Number of Yadav voters is more in the seat
इस सीट के जातीय समीकरण पर नजर डाले तो यहां सबसे ज्यादा यादव वोटर हैं. इसके बाद मुस्लिम, ब्राह्मण और राजपूत वोटर हैं. इस सीट पर करीब 3.3 लाख यादव वोट हैं. 1.8 लाख मुस्लिम मतदाताओं की संख्या है. ब्राह्मण वोटर की संख्या 1.7 लाख, राजपूत वोटर की संख्या 1.1 लाख हैं. दलित 1.10 लाख, कुर्मी कोयरी वोटर की संख्या करीब 1.25 लाख है.4 Out of 6 Assembly Constituencies Are With JDU
मधेपुरा लोकसभा सीट में 6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. इनमें से तीन विधानसभा क्षेत्र मधेपुरा जिले के अंतर्गत हैं. 3 विधानसभा सीट सहरसा जिले में आती हैं. 6 में से 4 विधानसभा सीटों में जेडीयू के विधायक है. एक-एक में बीजेपी और आरजेडी के विधायक हैं. सोनवर्षा विधानसभा सीट आरक्षित हैं. यहां जेडीयूसे रत्नेश सदा विधायक हैं.Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन