: गुरु बिन वेद पढ़े जो प्राणी, समझे न सार, रहे अज्ञानी - संत रामपाल जी महाराज
Mon, Apr 15, 2024
दिनांक 14 अप्रैल 2024 जिले के बैतूल तहसील भीमपुर के ग्राम झापल में, दिन रविवार को जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन LCD द्वारा प्रसारित हुए। यह आध्यात्मिक ज्ञान श्रवण करने बहुत से श्रद्धालु सत्संग स्थल पर पहुंचे। सत्संग में संत रामपाल जी महाराज ने बताया कि मनुष्य कितनी भी चतुराई करले, परंतु बिना सतगुरु के उसे मानव जीवन में मूल कर्तव्य क्या है? उसकी पहचान नहीं हो सकती है। क्योंकि मनुष्य लोकवेद- मनमानी मान्यताओं में इतना उलझा है कि वह स्वयं कभी नहीं सुलझ सकता है उस उलझन से।इसके लिए, आगे संत रामपाल जी महाराज ने प्रमाण बताते हुए कहा कि तत्वदर्शी संत हमें सर्व वेद-पुराणों का सार प्रमाण सहित समझा सकते हैं और वही सच्चे संत हमें मोक्षदायी भक्ति प्रदान कर, हमारा मनुष्य जीवन सफल कर सकते हैं।गुरु की शरण हमें परमात्मा कि कृपा सेप्राप्त होती है और सतगुरु द्वारा दी गई भक्ति ही हमारे पाप कर्म नष्ट कर हमें पूर्ण सुखी करती है। यदि हमें ईश्वर से मिलने वाले लाभ प्राप्त करने हैं तो केवल और केवल हमें सद्भक्ति करनी पड़ेगी अन्यथा जीवन बर्बाद है। गीता अध्याय 15 में पूर्ण तत्वज्ञानी के बारे में बताया है कि पूर्ण संतकी शरण में जाकर उनसे भक्ति साधना लेकर समझकर भक्ति प्रारम्भ करना ही हितकारी है। उपरोक्त कथन से सिद्ध है कि यदि शास्त्रविरुद्ध आराधनाएं करते है या बिना तत्वदर्शी संत के साधना करते हैं तो सब व्यर्थ है। गुरु बिन काहू न पाया ज्ञाना, ज्यों थोथा भुस छड़े किसाना।। तीर्थ व्रत अरु सब पूजा, गुरु बिन दाता और न दूजा। धनवृद्धि और सुखशांति जो कि पूर्ण गुरु दीक्षा के रूप में मंत्र जाप करने को देते हैं जिससे लाभ व मोक्ष प्राप्ति होती है। इस मंत्र का भेद केवल तत्वदर्शी संत ही दीक्षा प्रदान करते समय बताते हैं। इस सत्संग कार्यक्रम में एकदिवसीय निःशुल्क नाम दीक्षा
: Amarnath Yatra 2024 : अमरनाथ यात्रा 29 जून से होंगी शुरू
Mon, Apr 15, 2024
Amarnath Yatra 2024 : अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होने वाली है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रा को लेकर तारीखों का ऐलान कर दिया है। वार्षिक अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 29 जून से शुरू होगी। अमरनाथ यात्रा का पंजीकरण आज से शुरू होगा।अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने रविवार को कहा कि अमरनाथ यात्रा 2024 इस साल 29 जून से शुरू होगी। इस बार यात्रा 52 दिन की रहेगी। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल यानी आज से शुरू हो गए हैं। सरकारी आदेशानुसार 13 से 70 साल की उम्र तक के भारतीय नागरिक अमरनाथ यात्रा कर सकते हैं। यात्रा के लिए जरूरी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया चल रही है।
जाने कैसे होंगे रजिस्ट्रेशन
15 अप्रैल यानी आज से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉग इन कर सकते हैं।मोबाइल एप्लिकेशन से रजिस्ट्रेशन करना चाहते हैं तो श्री अमरनाथजी यात्रा ऐप डाउनलोड करनी होगी। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक, एसबीआई, यस बैंक और जम्मू और कश्मीर बैंक से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
: चैत्र नवरात्रि के आरम्भ से ही हिन्दू नववर्ष की शुरुआत
Tue, Apr 9, 2024
आज से चैत्र नवरात्रि प्रारम्भ हो रही है यानी आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है और इसी दिन गुड़ी पड़वा का त्योहार मनाया जाता है आज से हिन्दू नववर्ष प्रारम्भ होता है आज देश में चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा का त्योहार मनाया जा रहा है। गुड़ी पड़वा जिसे चैत्र शुक्ल प्रतिपदा या उगादी के नाम से भी जाना जाता है। यह हिन्दू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। मुख्य रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। आज से विक्रम सम्वत् 2081 का प्रारम्भ हो गया है। विक्रम सम्वत को नव संवत्सर भी कहा जाता है।चैत्र नवरात्रि के आरम्भ से ही हिन्दू नववर्ष की शुरुआत हो गई है आगामी 9 दिनों तक देवी मंदिरों में भक्तगण माँ की आराधना करेंगे I हिन्दू चंद्र कैलेंडर के अनुसार चैत्र महीने के पहले दिन पड़ने वाले यह शुभ दिन आमतौर पर मार्च या अप्रैल में आता है।महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है। गुड़ी का अर्थ है विजय पताका तथा पड़वा का अर्थ है चंद्रमा का प्रथम दिवस। इस दिन लोग बांस के ऊपर चांदी, तांबे अथवा पीतल के कलश को उलटा रखते हैं। कलश पर स्वास्तिक का चिह्न बनाया जाता है। बांस पर केसरिया रंग का पताका लगाया जाता है।इसके बाद इसे नीम एवं आम की पत्तियां और पुष्पों से सुसज्जित किया जाता है एवं इसे घर के सबसे उच्च स्थान पर लगाया जाता है। घर के दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण लगाया जाता है। कहा जाता है कि आम के पत्ते पवित्र होते हैं और इसे लगाने से नकारात्मक शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पाती हैं तथा घर इनसे सुरक्षित रहता है।