: गौर उत्सव 26 से 30 नवंबर तक, गौर उत्सव में आयोजित होंगे कई कार्यक्रम: पत्रकार वार्ता हुई आयोजित
Fri, Nov 15, 2024
हम सब डॉ. गौर के ऋणी, भारत रत्न दिलाने के लिए करेंगे सामूहिक प्रयास : कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता
सागर। डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के संस्थापक महान शिक्षाविद् एवं प्रख्यात विधिवेत्ता, संविधान सभा के सदस्य एवं दानवीर डॉ. सर हरीसिंह गौर के 155वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 20 नवंबर से 26 नवंबर तक ‘गौर उत्सव’ 2024 का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में मध्य क्षेत्र अंतरविश्वविद्यालयीन युवा उत्सव 2024-25 ‘गौर-गौरव उत्सव’ 26 से 30 नवम्बर 2024 तक आयोजित किया जा रहा है। जिसके संबंध में विश्वविद्यालय के अतिथि गृह के सम्मेलन कक्ष में शुक्रवार को पत्रकार-वार्ता आयोजित की गई।
पत्रकार- वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय में एक सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इसी के साथ पांच दिवसीय युवा उत्सव भी आयोजित किया जा रहा है। सागर शहर और विश्वविद्यालय परिवार अपने पितृ पुरुष की जन्म जयन्ती को मिल जुलकर उत्साहपूर्वक एक उत्सव के रूप में मनायेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. गौर के संकल्प और सपनों को साकार करना हमारा दायित्व है। पूरे सप्ताह कई अकादमिक-सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। उन्होंने कहा कि डॉ गौर के जन्म दिन पर हमारा प्रयास है कि हम गौर संग्रहालय की शुरुआत करें, उनकी स्मृतियों को सहेजें और उनके साहित्य से लोगों को परिचित कराएं ताकि उनके अद्वितीय योगदान का प्रचार-प्रसार हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि डॉ. गौर को भारत रत्न मिले, इसके लिए विश्वविद्यालय लगातार प्रयास कर रहा है। डॉ गौर को भारत रत्न दिलाने संबंधी प्रयासों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हम लोग इसके लिए पूर्ण प्रयासरत हैं। सांस्थानिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रयासों की एकजुटता से हम डॉ. गौर को देश का सर्वोच्च सम्मान दिलाने में हम जरूर सफल हो सकते हैं उन्होंने पत्रकारों से भी अपील की कि उनके योगदान और कार्यों को लगातार प्रचारित करें ताकि हम एक मुहिम चला सकें और उन्हें भारत रत्न दिला सकें। इस युवा उत्सव पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा।
‘गौर पीठ’ की स्थापना के लिए एक लाख रूपये दान करने वालों का विश्वविद्यालय करेगा सम्मान
उन्होंने कहा कि गौर जयन्ती के दिन ‘गौर पीठ’ की स्थापना के लिए एक लाख रूपये या उससे अधिक दान करने वाले दानदाताओं का विश्वविद्यालय द्वारा सम्मान किया जाएगा। उन्होंने गौर पीठ के लिए अधिक से अधिक लोगों से सहयोग करने की अपील की। इस पीठ के माध्यम से डॉ. गौर के बहुआयामी व्यक्तित्व और कृतित्व के पर शोध एवं अनुसंधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल विश्वविद्यालय का ही आयोजन नहीं बल्कि पूरे सागर शहर का आयोजन है। उन्होंने कहा कि गौर उत्सव के विविध आयोजनों में शहर और विश्वविद्यालय से जुड़े प्रत्येक नागरिक का स्वागत और अभिनन्दन है और पत्रकार बंधुओं से अपेक्षा है कि मीडिया के माध्यम से डॉ. गौर जयन्ती के अवसर पर विभिन्न गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, उनके विचारों, कार्यों और सपनों को जन-जन तक पहुचाएं। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
गौर उत्सव आयोजन के मुख्य समन्वयक प्रो. डी. के. नेमा ने सात दिवसीय आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। युवा उत्सव के सचिव डॉ. राकेश सोनी ने 26 से 30 नवंबर तक आयोजित होने वाले कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा रखते हुए बताया कि आयोजन में मध्य क्षेत्र के विश्वविद्यालयों के लगभग 1200 प्रतिभागी कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे. इसमें विजयी प्रतिभागी और दल राष्ट्रीय युवा उत्सव में प्रतिभागिता के लिए चुने जाते हैं।
डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर को पहली बार मध्य क्षेत्र युवा उत्सव की मेजबानी मिली है। इस युवा उत्सव में सांस्कृतिक रैली, संगीत, मिमिक्री, पोस्टर मेकिंग, क्लासिकल डांस, स्किट, वाद-विवाद, चित्रकारी, क्विज प्रतियोगिता, क्ले मॉडलिंग, फोटोग्राफी, डिबेट, समूह नृत्य, समूह गायन, कार्टूनिंग, रंगोली, कोलाज, मेहंदी, लोक वाद्य, लोक नृत्य सहित 28 विधाओं की प्रतियोगिताएं संपन्न होंगी. सभी प्रतिभागी विश्वविद्यालयों की टीम के आवास, भोजन की व्यवस्था विश्वविद्यालय में की जायेगी। भारतीय विश्वविद्यालय संघ द्वारा निर्धारित नियमों के तहत सभी प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी जिनमें अधिकृत निर्णायक मंडल द्वारा निर्णय किये जायेंगे। समस्त प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न आयोजन स्थलों पर आयोजित होंगे।
कार्यक्रम का संचालन मीडिया अधिकारी डॉ. विवेक जायसवाल ने किया। इस अवसर पर सह समन्वयक प्रो.ऋतु यादव, डॉ. राजेंद्र यादव, डॉ. आशुतोष, डॉ. रजनीश, समर्थ दीक्षित, प्रवीण राठौर तथा सागर शहर के पत्रकार गण मौजूद रहे।
: नशा किसी व्यक्ति, समाज अथवा राष्ट्र के लिए ही नहीं बल्कि मानव सभ्यता के लिए खतरा: केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार
Fri, Nov 15, 2024
2 किलोमीटर लंबी नशा मुक्त भारत अभियान रैली में शामिल हुए 5000 से अधिक प्रतिभागी
सागर । नशा किसी व्यक्ति, समाज अथवा राष्ट्र के लिए ही नहीं बल्कि मानव सभ्यता के लिए खतरा है। इसलिए हम सभी को आज शपथ लेकर यह संकल्प लेना चाहिए कि हम, हमारे मित्र, हमारा परिवार, हमारा समाज, हमारा जिला, हमारा प्रदेश, हमारा देश नशा नहीं करेगा। उक्त विचार केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने सागर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा प्रारंभ किए गए नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गुरुवार को आयोजित 2 किलोमीटर लंबी नशा मुक्ति रैली के शुभारंभ के अवसर पर व्यक्त किए।
केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि आज हम सभी भारतवर्ष के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्त युवा रैली का आयोजन मध्यप्रदेश के सागर जिले में कर रहे हैं। इस रैली में विभिन्न कॉलेजों एवं स्कूलों के छात्र भी भाग ले रहे है।
आज इस मंच के माध्यम से हम सभी नशे के विरुद्ध एकजुट होकर अपनी एकता प्रदर्शित कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि आपका ध्यान आकर्षित करते हुए बताना चाहता हूँ कि नशा मुक्त भारत अभियान आज से लगभग 4 साल पहले 15 अगस्त 2020 को देश के चिन्हित 272 जिलों में उद्घाटित किया गया था, जिसका उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और समुदाय की एक ऐसी विशाल सेना बनाना था जो आत्मनिर्भर हो और मादक पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में समुचित जानकारी रखता हो। नुक्कड़ नाटकों, साइकिल रैलियों, प्रतियोगिताओं और वॉल पेंटिंग आदि के रूप में अपने अभिनव कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान ने एक क्रांति को जन्म दिया है। मुझे बताते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि उक्त अभियान में देश के सभी जनपदों को अगस्त 2023 से जोड़ दिया गया है। अब तक 4.25 करोड़ से अधिक युवाओं, 2.63 करोड़ से अधिक महिलाओं और 3.83 लाख से अधिक शिक्षण संस्थानों सहित 13.18 करोड़ से अधिक लोग नशा मुक्त भारत अभियान का हिस्सा बन चुके हैं।
हमारा लक्ष्य देश के प्रत्येक भू-भाग एवं समाज के प्रत्येक अंश से इस नशे रूपी जहर को समाप्त करना है। जब तक देश का प्रत्येक जनपद एवं राज्य का एक-एक नागरिक नशे के दुष्प्रभावों से अवगत नहीं हो जाता, तब तक ना मैं चौन से बैठूंगा और ना ही हमारी सरकार चौन से बैठेगी।
केंद्रीय मंत्री डॉ कुमार ने कहा कि यह क्रांति, जो अब आंदोलन का रूप ले चुकी है, इसे और अधिक ऊर्जा मिलनी चाहिए और एक ऐसी आग पैदा होनी चाहिए जो उन लोगों के लिए प्रगति का मार्ग प्रशस्त करे, जो मादक पदार्थों के सेवन के विकारों से प्रभावित हैं। इस अभियान के पथ प्रदर्शक के रूप में हमें एक जागरूक सिपाही, जागरूक बच्चे, जागरूक नागरिक बनना चाहिए और अपने अंदर सहानुभूति, साहस और सभी को साथ लेकर चलने के व्यवहार को विकसित करना चाहिए।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत, हम एक सुख शांति से परिपूर्ण एवं सशक्त राष्ट्र की कल्पना करना चाहते हैं, जहां सभी को इलाज की सुविधा, पुनर्वास तक पहुंच और बिना किसी भेदभाव और कलंक के सभी की बेहतरी के लिए एक समावेशी वातावरण मिले। हमारे मंत्रालय द्वारा देश भर में 650 से ऊपर स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से उचित उपचार, प्रचार प्रसार, समुदाय तक पहुंच और उन्हें जागरूक करने के कार्यक्रम अनवरत चलाये रहे हैं। अक्सर यह कहा जाता है कि इस सामाजिक समस्या को समाप्त नहीं किया जा सकता है, लेकिन मेरा मानना है कि सामूहिक प्रयास से हम वास्तव में एक ऐसे राष्ट्र की कल्पना साकार कर सकते हैं, जहां इस समस्या का समाधान होगा। हम इस अभियान के माध्यम से हर कदम के साथ इस लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। मेरा यह मानना है कि हम अपनी सामाजिक व्यवस्था के तानबाने से मादक पदार्थों के सेवन को भी कम कर सकते हैं। सभी को दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ आगे आना चाहिए और मादक पदार्थों के प्रति संवेदनशील देश के भविष्य में सहयोग करना चाहिए। सकारात्मक परिवर्तन के रूप में पानी की एक एक बूंद-की तरह हम निश्चित रूप से क्रांति की विशाल लहर पैदा करेंगे।
हम इस अभियान के माध्यम से हर कदम के साथ इस लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। यदि हम निरंतर प्रयास से सती प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं को मिटा सकते हैं तो मेरा मानना है, कि हम अपनी सामाजिक व्यवस्था के ताने बाने से मादक पदार्थों के सेवन को भी कम कर सकते हैं। सभी को दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ एक साथ आना चाहिए और नशीले पदार्थों के प्रति संवेदनशील राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत, आज से ठीक दो साल पहले, जब हमने एक शपथ कार्यक्रम दिल्ली में 12 अगस्त 2022 को आयोजित किया था, जहाँ से हम देश भर के सभी विद्यालयों, कॉलेजो और विश्वविद्यालय के माध्यम से बच्चों, विद्यार्थियों से जुड़े और उन्हें नशा मुक्त भारत के लिए शपथ दिलाई थीं और ष्नशे को कहे ना, जीवन को कहे हाँष् का जन घोष किया था। आप को यह जानकर आश्चर्य होगा कि उस दिन 98,543 विद्यालयों, कॉलेजो और विश्वविद्यालय के माध्यम से 1.66 करोड़ से ज्यादा विद्यार्थियों ने इसमें बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
हमारे मंत्रालय ने नव चेतना मॉड्यूल विकसित किया हैं, जो भारत के विद्यालयों के छात्रों के मध्य जीवन कौशल तथा ड्रग के संबंध में जागरूकता तथा शिक्षा को बढ़ाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य, विद्यालयी बच्चों के मध्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग की शुरुआत को मंद करना ही नहीं, बल्कि इसे सदा एवं संपूर्ण जीवन के लिए रोकना है। इसके अलावा, नवचेतन तक पहुंच आसान करने तथा इसके प्रभाव की जानकारी उपलब्ध कराने से संबंधित प्रशिक्षण सामग्री का भारत के 12 क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जा रहा है। प्रत्येक मॉड्यूल दीक्षा पोर्टल, अध्यापक की सहायतार्थ ऑनलाइन अपलोड करने के लिए भी उपलब्ध होगा। इस मंत्रालय ने एक वर्ष में नवचेतना के मॉड्यूल के माध्यम से 300 जनपदों, 30000 विद्यालयों, 10 लाख अध्यापकों तथा 2.4 करोड़ छात्रों को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि यह मॉड्यूल नशा मुक्त भारत अभियान की यात्रा में (एनएमबीए) एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा।
एनएमबीए की सहायता करने तथा जन जागरूकता संबंधी कार्यकलाप आयोजित करने के लिए आर्ट आफ लिविंग, ब्रह्म कुमारी, संत निरंकारी मिशन इस्कॉन श्री रामचंद्र मिशन और अखिल विश्व गायत्री परिवार जैसे प्रतिष्ठित एवं सुविख्यात आध्यात्मिक संगठनों के साथ मंत्रालय द्वारा समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किए गए हैं।
इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन से, आम जनता में नशे के विरुद्ध कैसे लड़ना है, कैसे एक पीड़ित व्यक्ति को सही जगह उपचार मिले, सारा समाज इस में कैसे एकसाथ हो, का साफ साफ सन्देश मिलता है। इस कार्यक्रम से जुड़े सभी लोग, फिर आगे एक श्रृंखला बनाकर और लोगो को जागरूक करे और हमारा सन्देश पहुँचाये, तो निश्चय ही हम देश से इस समस्या को पूर्णतः समाप्त करने में सक्षम हो पाएंगे।
एनएमबीए ने 2020 में अपने शुभारंभ के बाद से 5 वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। इस उपलब्धि को चिह्नित करने के लिए, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने पूरे देश में एक सामूहिक शपथ/प्रतिज्ञा समारोह का आयोजन किया। 12 अगस्त, 2024 को नई दिल्ली के बाराखंभा रोड स्थित स्कूल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 2700 छात्र, शिक्षक और मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। विभिन्न भागीदार जैसे स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, जिला और राज्य आदि इस कार्यक्रम में देशभर के 10,000 से अधिक स्थानों से वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इसके अलावा, देशभर के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों और अन्य संगठनों में क्षेत्रीय स्तर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर को मनाने के लिए देशभर से 3.5 करोड़ से अधिक लोगों ने शपथ ली और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह आग्रह किया है कि आइए, हम सब मिलकर नशे को लेकर सही जानकारी साझा करने और नशा मुक्त भारत की कल्पना को साकार करने की प्रतिबद्धता को दोहराएं। याद रखिए, नशा ना तो अच्छी चीज है और ना ही स्टाइल की अभिव्यक्ति ।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम निश्चित रूप से भारत को आने वाले दिनों में पूर्ण रूप से नशा मुक्त बना पाएंगे। नशा मुक्त भारत की परिकल्पना के लिए हमें एकजुट होकर चलना होगा, तभी देश मोदी जी के सपने को साकार कर पाएगा और हम सामाजिक व आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बन पाएंगे।
इस अवसर पर डॉक्टर हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नशा मुक्त भारत अभियान एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य देश को नशा से मुक्त करना है। इस अभियान के तहत सरकार और सामाजिक संगठन मिलकर काम कर रहे हैं ताकि लोगों को नशा के खतरों के बारे में जागरूक किया जा सके और उन्हें नशा मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा सके।
प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के मुख्य उद्देश्य में नशा के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना,नशा की समस्या का समाधान करने के लिए काम करना एवं नशा मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ कुमार ने नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित निबंध प्रतियोगिता की प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण भी किया।
इस अवसर पर शैलेश केशरवानी, जीनेश साहू, पूर्व महापौर अभय दरे, श्याम तिवारी, संध्या भार्गव , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सिन्हा , क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉक्टर ज्योति चौहान , सामाजिक न्याय विभाग की प्रभारी अधिकारी डी एस यादव, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन , मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर ममता तिमोरी, सचिन मासीह, डॉ आर एस जयंत,पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपरण अधिकारी विवेक के वी, नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर रुपेश उपाध्याय , सिटी मजिस्ट्रेट जूही गर्ग, समाज सेविका डॉ. निवेदिता रत्नाकर सहित बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधि , स्कूल, कॉलेज के छात्र छात्राएं, प्राचार्य, शिक्षक सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।