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महासमुंद : बसना/अरेकेल- ग्राम पंचायत अरेकेल की लापरवाही से तालाब पड़ा सूखा, हजारों लीटर पानी रोज हो रहा व्यर्थ

फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर

Tue, May 5, 2026

8.50 लाख का गहरीकरण के बाद भी नहीं भरा गया तालाब, बोरवेल का पानी नालियों में बह रहा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से जांच की मांग की

तालाब छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक के ग्राम पंचायत अरेकेल में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। 8.50 लाख रुपये खर्च कर तालाब का गहरीकरण तो करा दिया गया, लेकिन उसमें पानी भरने की सुध पंचायत ने नहीं ली। वहीं गांव में लगे बोरवेल का पानी रोजाना हजारों लीटर व्यर्थ बह रहा है।

जमीनी हकीकत:

ग्रामीणों के अनुसार गर्मी में जलसंकट से निपटने के लिए तालाब भरना जरूरी था। पंचायत ने बोरवेल चालू तो कराए, लेकिन पाइपलाइन टूटी होने और निगरानी न होने से पूरा पानी खेतों और नालियों में बह रहा है। गहरीकरण किया गया तालाब आज भी सूखा पड़ा है। पशुओं को पानी के लिए दूर जाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों में आक्रोश:

अरेकेल के ग्रामीणों ने बताया, "तालाब गहरा कर दिया, पर पानी नहीं डाला। बोर चल रहा है पर सारा पानी बर्बाद हो रहा है। हम लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।" महिलाओं का कहना है कि नल-जल योजना भी ठप पड़ी है। नल में पानी नहीं आता है कही कही नल का पाइप फट जाने पर पंचायत द्वारा अनदेखी किया जाता है सुधारने की कोई कोशिश नहीं किया जाता

प्रशासन से मांग:

ग्रामवासियों ने कलेक्टर महासमुंद और CEO जनपद पंचायत बसना से पूरे मामले की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि 1. तुरंत बोरवेल का पानी तालाब में डलवाया जाए। 2. लीकेज बंद कर पानी की बर्बादी रोकी जाए। 3. दोषी पंचायत प्रतिनिधियों पर कार्रवाई हो।

पंचायत का पक्ष:

इस संबंध में पंचायत सचिव से बात करने पर सरपंच से बात कर के बताऊंगा कहा गया जो 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया इसमें अरेकेल सरपंच और सचिव दोनों की लापरवाही सामने आई है।"

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