Sat 02 May 2026

ब्रेकिंग

खरसिया-प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में हेममन्नू म्यूजिकल ग्रुप की शानदार प्रस्तुति

सीएम डॉ. मोहन यादव ने शुरू की किसान हेल्पलाइन 155253, कहा- अन्नदाता के हित में हुई अहम पहल

कटनी- 1 मई से शुरू होगा जनगणना का प्रथम चरण

कटनी । शराब दुकान के कर्मचारियों ने फौजी से की मारपीट, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

कटनी में अवैध प्लॉटिंग सिंडिकेट सक्रिय, कार्रवाई पर उठे सवाल

सुचना

एमपी न्यूज लाइव मीडिया ग्रुप आपका हार्दिक स्वागत करता

MP न्यूज लाइव, सेटेलाइट हिंदी न्यूज चैनल सेटेलाइट एवं ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध :- Play on tv , DTH Live, Ebaba, CNN, PLAYON, AMAZON FIRE STICK, JIO AIR FIBRE

: Solar Eclipse 2021- 10 जून को होगा 2021का पहला सूर्य ग्रहण,जानिए ग्रहण का समय और जगह।

admin

Sat, Jun 5, 2021
Solar Eclipse 2021-   10 जून को होगा 2021का पहला सूर्य ग्रहण,जानिए ग्रहण का समय और जगह।

Solar Eclipse 2021:-10 जून को होना वाला सूर्य ग्रहण भारतीय पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को लगेगा।सूर्य ग्रहण को एक प्रभावी खगोलीय घटना माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण की प्रक्रिया को शुभ नहीं माना जाता है. मान्यता है कि ग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्रमा पीड़ित हो जाते हैं।साल का पहला चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि में लगने जा रहा है।लेकिन यह देश में नहीं दिखेगा। इसलिए सूतक भी नहीं रहेगा। यह उपछाया सूर्यग्रहण होगा।

किन देशों में दिखेगा ये सूर्यग्रहण?
ज्योतिष गणना के अनुसार, भारतीय समयानुसार Solar Eclipse 2021 10 जून की दोपहर 1 बजकर 43 मिनट पर शुरू होगा। दोपहर 3 बजकर 25 मिनट पर कंकणाकृति आरंभ होकर 4 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। ग्रहण का मध्य 4 बजकर 12 मिनट पर होगा। समाप्ति शाम 6 बजकर 41 मिनट पर होगी। अधिकतम 3 मिनट 48 सेकंड के दौरान उपछाया दृश्यमान रहेगी। अमेरिका के उत्तरी भाग, उत्तरी कनाड़ा, उत्तरी यूरोप और एशिया, रूस, ग्रीनलैंड और उत्तरी अटलांटिक महासागर क्षेत्र में पूर्ण रूप से दिखाई देगा।

वर्ष 2021 में कितने ग्रहण लगेंगे
ज्योतिष गणना के अनुसार वर्ष 2021 में कुल चार ग्रहण लगने जा रहे हैं, जिसमें दो चंद्र ग्रहण है और दो सूर्य ग्रहण हैं. 26 मई के बाद दूसरा चंद्र ग्रहण 19 नवंबर 2021 को लगेगा. दूसरा चंद्र ग्रहण भी उपछाया ग्रहण माना जा रहा है.

ग्रहण क्यों होता है ?
सूर्य, चंद्र और धरती जब एक सीध में होते हैं या चंद्र के ठीक राहु और केतु बिंदु पर ना होकर ऊंचे या नीचे होते हैं, तब खंड ग्रहण होता और जब चंद्रमा दूर होते हैं, तब उसकी परछाई पृथ्वी पर नहीं पड़ती और बिंब छोटे दिखाई देते हैं। उसके बिम्ब के छोटे होने से सूर्य का मध्यम भाग ढंक जाता है। जिससे चारों और कंकणाकार सूर्य प्रकाश दिखाई पड़ता है।

सूतक मान्य नहीं माना जायेगा।
ग्रहण देशभर में नहीं होने से सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। जिन स्थानों पर ग्रहण दृश्यमान होता है, केवल वहीं ग्रहण सूतक लगता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, पूर्ण सूर्य ग्रहण में सूतक काल नही माना जाााआता है। सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले ही सूतक काल शुरू हो जाता है। जिसमें यज्ञ, अनुष्ठान आदि कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं। इससे पहले 26 मई को हुआ चंद्र ग्रहण भी देश में नहीं दिखाई दिया था। इसलिए तब भी सूतक नहीं लगा।

Read Also-

आत्मनिर्भर भारत:भारत ने 108 रक्षा उपकरणों के आयात पर लगाया प्रतिबंध

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन