: Ganga Dussehra 2021 : गंगा दशहरा जानें,शुभ मुहूर्त पूजा-विधि और महत्व।
Mon, Jun 14, 2021
Ganga Dussehra 2021
: हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के बीच गंगा दशहरा का विशेष महत्त्व है. गंगा दशहरा का पर्व 20 जून 2021 को होगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर ऋषि भागीरथी के अथक प्रयासों से मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था. इस लिए इस दिन को गंगा दशहरा मनाते हैं.इस साल
कोरोना वायरस
की वजह से घर में रहकर ही मां गंगा की पूजा- अर्चना करें। आइए जानते हैं गंगा दशहार पूजा- विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व
गंगा दशहरा मुहूर्त
दशमी तिथि आरंभ: 19 जून 2021 को शाम 06 बजकर 50 मिनट पर
दशमी तिथि समाप्त: 20 जून 2021 को शाम 04 बजकर 25 मिनट पर
Ganga Dussehra 2021
पूजा- विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
इस दिन गंगा नदी में स्नान का बहुत अधिक महत्व होता है, लेकिन इस बार कोरोना वायरस की वजह से घर में रहकर ही स्नान करें।
नहाने के पानी में गंगा जल डाल लें और मां गंगा का ध्यान कर स्नान कर लें।
घर के मंदिर में गंगा जल का छिड़काव करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
इस दिन भगवान शंकर की अराधाना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
मां गंगा का अधिक से अधिक ध्यान करें।
अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।
घर में रहकर ही मां गंगा की आरती करें।
मां गंगा का आवाहन करें और उन्हें भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।
Ganga Dussehra 2021
का महत्व
गंगा दशहरा का बहुत अधिक महत्व होता है। इस दिन मां गंगा की पूजा- अर्चना करने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।
मां गंगा की कृपा से सभी तरह के दोष दूर हो जाते हैं।
गंगा दशहरा के दिन मां गंगा की पूजा- अर्चना करने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।
गंगा दशहरा शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त -
04:03 ए एम से 04:44 ए एम
अभिजित मुहूर्त -
11:55 ए एम से 12:51 पी एम
विजय मुहूर्त -
02:42 पी एम से 03:38 पी एम
गोधूलि मुहूर्त -
07:08 पी एम से 07:32 पी एम
अमृत काल -
12:52 पी एम से 02:21 पी एम
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Sun, Jun 13, 2021
शरीर का वजन कम करना है तो खाली पेट इन पांच खाद्य पदार्थों से बचें वजन कम करने की चाहत रखने वालों के लिए नाश्ते में क्या शामिल करना चाहिए और क्या नहीं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नाश्ता छोड़ना आपके स्वास्थ्य के लिए बुरा है। खासकर जो वजन कम करने का इरादा रखते हैं। सुबह खाली पेट नही रहना चाहिए।नाश्ता बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।यह आपका दिन बना या बिगाड़ सकता है। एक स्वस्थ नाश्ता जो पूरी रात का उपवास तोड़ता है, पूरे दिन में एक ऊर्जा देता है।
जरूरी है कि सुबह भर पेट कुछ भी न खाएं, बल्कि शरीर को जो चाहिए वह खाएं। सुबह के समय खाने की कुछ आदतों से बचना जरूरी है।
वहीं, जानकारों का कहना है कि इन पांच खाद्य पदार्थों को खाली पेट नहीं खाना चाहिए। आइए इसकी जांच करते हैं
सुबह शीतल पेय से बचें। यह पेय कार्बन डाइऑक्साइड में उच्च और चीनी में उच्च है। अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो इससे बचें
खट्टे फल
:
इनमें खट्टे फलों की मात्रा अधिक होती है। सूची में सेब, संतरा, अंगूर और शकरकंद शामिल हैं। ये अम्लीय खाद्य पदार्थ पेट को अधिक वजन बनाते हैं।
शीतल पेय:
जागने के बाद ठंडा पानी पीना सेहत के लिए हानिकारक होता है। इसकी जगह गुनगुना पानी पिएं। गर्म पानी में नींबू और अदरक मिलाने से पाचन में आसानी होगी। अध्ययनों से पता चलता है कि ठंडे पेय पाचन प्रक्रिया को बाधित कर सकते हैं।
मसालेदार भोजन:
नाश्ते के लिए इस भोजन से बचें। इसकी उच्च एसिड सामग्री आपको सुबह असहज महसूस करा सकती है।
बिना पकी सब्जियां:
क्या सभी प्राकृतिक लोग कच्ची सब्जियां खा रहे हैं? पकी हुई सब्जियां नाश्ते के बाद खा सकते हैं।
सुबह केला खाना भी अच्छी आदत नहीं है। सुबह के समय मैग्नीशियम और पोटैशियम से भरपूर केला खाने से रक्त का संतुलन बिगड़ सकता है।
तथ्य यह है कि व्यस्त जीवन में खाना और बनाना आसान है, जो कई लोगों को नाश्ते के लिए
सैंडविच
चुनने के लिए प्रेरित करता है। लेकिन इसमें मौजूद मक्खन और फैट शरीर के लिए अच्छा नहीं होता है। इसका सही तरीका यह है कि नाश्ते में सैंडविच को पूरी तरह से छोड़ दें।
सुबह आप रात भर भीगे हुए किशमिश, बादाम और मेवे खा सकते हैं। इसका प्रोटीन और फाइबर पाचन प्रक्रिया को आसान बनाते हैं और वजन कम करने में आपकी मदद करते हैं।
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अब दुनिया मे चार नही पांच महासागर हैं,जाने दक्षिण महासागर के बारे में सब कुछ
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Sat, Jun 12, 2021
पृथ्वी का 71 फीसदी हिस्सा पानी से डूब हुआ है और 71 फीसदी पानी ही महासागर हैं जिनको उनके क्षेत्र के हिसाब से अलग अलग नाम दिए गए है।अब अभी तक तो सबको मालूम था कि दुनिया मे चार महासागर है:प्रशांत,हिन्द,अटलांटिक और आर्कटिक।लेकिन अब ये तथ्य पुराना हो चुका है और आप भी महासागरों को लेके अपने आप को अपडेट करें और अपनी चार महासागरों की सूची में पांचवे महासागर यानि दक्षिण महासगार को भी जोड़ लें।
दरअसल अब दुनिया मे चार नही पांच महासागर है।सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग रहा है लेकिन सच यही है।आपको बता दें कि विश्व महासागर दिवस World Ocean Day हर वर्ष 8 जून को मनाया जाता है और इस वर्ष World Ocean Day के दिन दुनिया को पांचवा महासागर मिल गया जिसका नाम है दक्षिण महासागर।दक्षिण महासागर(
Southern Ocean
) का ऐलान 8 जून 2021 को नेशनल जियोग्राफी सोसाइटी(National Geography Society) द्वारा किया गया।
जाने दक्षिण महासागर के बारे में सब कुछ
दक्षिण महासागर कोई अलग से प्रकट नही हुआ बल्कि नेशनल जियोग्राफी सोसाइटी ने अंटार्कटिका(
Antarctica
) के आसपास के पानी को ही दक्षिण महासागर का नाम दे दिया।सीधे शब्दों में कहें तो अंटार्कटिका महाद्वीप के चारो ओर जो पानी का क्षेत्र है वही है दुनिया का पांचवा महासागर।दक्षिण महासागर का क्षेत्र एक वृत्त की तरह पूरे अंटार्टिका महाद्वीप को घेरे हुए है।
इसकी सीमा पहले से मौजूद चार में से तीन महासागरों के साथ मिलती है और ये तीन हैं--हिन्द,प्रशांत व अटलांटिक।दक्षिण महासागर की अलग पहचान का दूसरा कारण है यहां का मरीन इकोसिस्टम जी की बाकी सभी महासागरों से अलग है।इसका दूसरा नाम अंटार्कटिक महाद्वीप के नाम पे है यानी इसको अंटार्कटिक महासागर भी कहा जाता है।यह आर्कटिक महासागर के बाद दूसरा सबसे छोटा महासागर है।प्रकृति हर समय अपना रूप बदल रहे हे।
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