: मानव श्रृंखला बनाकर मतदान के लिए किया जागरूक
Wed, Apr 17, 2024
सागर I कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक आर्य के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ एवं जिला नोडल स्वीप अधिकारी पी.सी. शर्मा के मार्गदर्शन एवं डॉ संजीव दुबे प्राचार्य की उपस्थिति में शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर में एनसीसी के ए.एन.ओ तथा प्राचार्यों के सेमीनार के पश्चात मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत मतदान करने की शपथ तथा मानव श्रृंखला बनाई गई।
स्वीप सहायक नोडल अधिकारी डॉ अमर कुमार जैन ने उपस्थित ए.एन.ओ एवं प्राचार्यों को लोकतंत्र में अपनी आस्था रखते हुये धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुये बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में लगभग 60 प्राचार्य एवं ए.एन.ओ ने मतदाता जागरूकता की शपथ ली। कार्यक्रम का समन्वय ले. डॉ जयनारायण यादव ने किया। स्वीप गतिविधियों के अंतर्गत जिले में मतदाता जागरूकता हेतु आयोग के निर्देश पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
: गुरु बिन वेद पढ़े जो प्राणी, समझे न सार, रहे अज्ञानी - संत रामपाल जी महाराज
Mon, Apr 15, 2024
दिनांक 14 अप्रैल 2024 जिले के बैतूल तहसील भीमपुर के ग्राम झापल में, दिन रविवार को जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन LCD द्वारा प्रसारित हुए। यह आध्यात्मिक ज्ञान श्रवण करने बहुत से श्रद्धालु सत्संग स्थल पर पहुंचे। सत्संग में संत रामपाल जी महाराज ने बताया कि मनुष्य कितनी भी चतुराई करले, परंतु बिना सतगुरु के उसे मानव जीवन में मूल कर्तव्य क्या है? उसकी पहचान नहीं हो सकती है। क्योंकि मनुष्य लोकवेद- मनमानी मान्यताओं में इतना उलझा है कि वह स्वयं कभी नहीं सुलझ सकता है उस उलझन से।इसके लिए, आगे संत रामपाल जी महाराज ने प्रमाण बताते हुए कहा कि तत्वदर्शी संत हमें सर्व वेद-पुराणों का सार प्रमाण सहित समझा सकते हैं और वही सच्चे संत हमें मोक्षदायी भक्ति प्रदान कर, हमारा मनुष्य जीवन सफल कर सकते हैं।गुरु की शरण हमें परमात्मा कि कृपा सेप्राप्त होती है और सतगुरु द्वारा दी गई भक्ति ही हमारे पाप कर्म नष्ट कर हमें पूर्ण सुखी करती है। यदि हमें ईश्वर से मिलने वाले लाभ प्राप्त करने हैं तो केवल और केवल हमें सद्भक्ति करनी पड़ेगी अन्यथा जीवन बर्बाद है। गीता अध्याय 15 में पूर्ण तत्वज्ञानी के बारे में बताया है कि पूर्ण संतकी शरण में जाकर उनसे भक्ति साधना लेकर समझकर भक्ति प्रारम्भ करना ही हितकारी है। उपरोक्त कथन से सिद्ध है कि यदि शास्त्रविरुद्ध आराधनाएं करते है या बिना तत्वदर्शी संत के साधना करते हैं तो सब व्यर्थ है। गुरु बिन काहू न पाया ज्ञाना, ज्यों थोथा भुस छड़े किसाना।। तीर्थ व्रत अरु सब पूजा, गुरु बिन दाता और न दूजा। धनवृद्धि और सुखशांति जो कि पूर्ण गुरु दीक्षा के रूप में मंत्र जाप करने को देते हैं जिससे लाभ व मोक्ष प्राप्ति होती है। इस मंत्र का भेद केवल तत्वदर्शी संत ही दीक्षा प्रदान करते समय बताते हैं। इस सत्संग कार्यक्रम में एकदिवसीय निःशुल्क नाम दीक्षा
: केन्द्रीय जेल सागर में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण सह विधिक सहायता शिविर आयोजित किया गया
Mon, Apr 15, 2024
सागर I केन्द्रीय जेल सागर में बुन्देलखण्ड मेडीकल कॉलेज व जिला चिकित्सालय के समन्वय से ’’विशेष स्वास्थ्य परीक्षण सह विधिक सहायता शिविर’’ आयोजित किया गया Iउच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार केन्द्रीय जेल सागर में रविवार को बुन्देलखण्ड मेडीकल कॉलेज व जिला चिकित्सालय के समन्वय से प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एम.के. शर्मा की उपस्थिति में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण सह विधिक सहायता शिविर आयोजित किया गया।तत्संबंध में उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जबलपुर के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल द्वारा सुबह 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उक्त शिविर का शुभारंभ किया गया। इसके बाद प्रधान जिला न्यायाधीश एवं उपस्थित अधिकारीगण द्वारा मॉ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलन व माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा उपस्थित बंदीगण को संबोधित करते हुये कहा कि समस्त बंदीगण अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहें एवं अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें व उपरोक्त आयोजित ’’ स्वास्थ्य परीक्षण सह विधिक सहायता शिविर’’ में उपस्थित विभिन्न रोगों के चिकित्सीय विशेषज्ञों से अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराकर निःशुल्क औषधि प्राप्त कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें एवं शिविर में उपस्थित लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स तथा पैनल अधिवक्तागण के माध्यम से अपने-अपने लंबित प्रकरणों की जानकारी के साथ-साथ अपनी विधिक समस्याओं का भी समाधान करें।उक्त आयोजित शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर के सचिव अजय सिंह, जिला रजिस्ट्रार/न्यायिक मजिस्टेट प्रीतम बंसल, जेल अधीक्षक मानेन्द्र सिंह, अधीक्षक बुन्देलखण्ड मेडीकल कॉलेज राजेश जैन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरी, सिविल सर्जन आर.एस. जयंत, उप अधीक्षक बुन्देलखण्ड मेडीकल कॉलेज, डॉ. एस.पी.सिंह, जिला विधिक सहायता अधिकारी योगेश बंसल, केन्द्रीय जेल, कर्मचारीगण व पैरालीगल वालेंटियर्स उपस्थित रहे।